top of page

JAI SHRI RAM

KARPUR AARTI

कर्पुर आरती

IMG_20240619_210809_768.jpg

कर्पुरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम  

सदावसन्तं हृदायरबिन्दे भवं भवानी सहितं नमामि ।।

 

मन्दारमालं कुलितालिकाय । कपालमाला कितकंधराय।

दिव्यांबराय च दिगम्बराय । नमः शिवायै च नमः शिवाय ।।

घालीन लोटांगण, वंदीन चरण।  

डोळ्यांनी पाहीन रुप तुझें । 

प्रेमें आलिंगन, आनंदे पूजिन।  

भावें ओवाळीन म्हणे नामा ।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।

 त्वमेव बंधुक्ष्च सखा त्वमेव ।

त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव ।  

त्वमेव सर्वं ममदेव देव ।

कायेन वाचा मनसेंद्रीयैर्वा,  

बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात ।

करोमि यद्यत्सकलं परस्मै,

नारायणायेति समर्पयामि

 

अच्युतं केशवं रामनारायणं

कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम।

श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं,

जानकीनायकं रामचंद्र भजे।

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।

​हिंदी में अर्थ : -

कर्पुरगौरं - कर्पुर के सामान गोरे रंग वाले

करुणावतारं - करुणा के जो साक्षात् अवतार हैं

संसारसारं - जो समस्त सृष्टि के मूल तत्त्व है

भुजगेन्द्रहारम - जो सांप को हार के रूप में धारण किये हुए हैं

सदावसन्तं हृदायरबिन्दे भवं भवानी सहितं नमामि  - वो भगवन शिव जो माता पार्वती जी के साथ सदैव मेरे ह्रदय में निवास करते हैं , उनका मेरा नमन हैं​​​​​​​​​​​​​

bottom of page